टिस्सिंट, जो कि मंगल ग्रह संबंधी ज्वालामुखीय पदार्थ का एक अपरिवर्तित टुकड़ा है और समाघात-प्रेरित गलन एवं विरूपण के अभिलक्षण रखता है, अवक्षयित ऑलिवीन - फाइरिक शेर्गोट्टाइटों में से सिलिका बहुत ही कम और मैग्नीशियम - लौह समृद्ध आग्नेय शैल है। टिस्सिंट का शैलजनन, क्रिस्टलन की आरंभिक से माध्यमिक अवस्था के दौरान एल ए आर 06319, जो कि एक समृद्ध ऑलिवीन - फाइरिक शेर्गोट्टाइट है, के समान प्रतीत होता है। एक तीव्र प्रघात-प्रेरित विरूपण से 1-8 वर्षों की अवधि में टिस्सिंट का पुनर्गलन (10-15 मात्रा %), पुनर्क्रिस्टलन (अधिकांश लौह-समृद्ध प्रावस्थाएँ) तथा अनावरण हुआ।         

विस्तृत संपूर्ण शैल शैलविज्ञान के अलावा, एल ए - आई सी पी एम एस ज़रकॉन यूरेनियम - लेड कालनिर्धारण और कालनिर्धारित ज़रकॉनों के एल ए - आई सी पी एम एस ज़रकॉन हैफनियम समस्थानिक संघटनों को प्रयोग में लाते हुए भारत के दक्षिणी कणिकाश्म भूभागों में भूपर्पटी निर्माण तथा पुनः कार्य करने की प्रक्रियाओं के कालानुक्रम एवं गतिकी को समझना, मदुरै, त्रिवेंद्रम, और नागरकोइल खंडों से लिए गए 11 चुने गए चार्नोकाइट आग्नेयनाइस नमूनों के भूरसायनिक अध्ययन द्वारा दक्षिणी कणिकाश्म की फेल्सिक मैग्मीयता के चार अलग - अलग प्रकरणों का पता लगाया गया।     

रासायनिक अपक्षयण और अनुवर्ती वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड खपत को लंबे अरसे से भूवैज्ञानिक समय अवधियों पर काम करने वाली प्रक्रियाएँ तब तक मानी गयी हैं जब हाल ही में कुछ प्रतिरूपण और प्राकृतिक अभिलेखों ने यह दिखाया है कि अपक्षयण - संबंधित कार्बन डाइऑक्साइड खपत शताब्दी से हिमनदीय-अंतरहिमनदीय समय मान पर बदल सकती है। बहु-परोक्षी डाटा (अपक्षयण की मात्रा के लिए एएल/के, सीआईए, आरबी/एसआर 87एसआर/86एसआर और उद्गम क्षेत्र के लिए 143एनडी/144एनडी) ~17.7 हजार वर्षों पर अंतरहिमनदीय गरम जलवायु की शुरुआत से सिलिकेट अपक्षयण में बढ़ोत्तरी और बाद में 15.5 हजार वर्षों पर एक बड़े परिवर्तन को प्रकट करता है। रासायनिक अपक्षयण में अनुमानित परिवर्तन क्षेत्रीय मानसूनी परोक्षियों (उत्तरी हिंद महासागर के समुद्री जल ऑक्सीजन समस्थानिक [δ18Osw]-लवणता परिवर्तन, प्रभावी एशियाई आर्द्रता तत्व और चीनी गुफाओं के δ18O अभिलेख) के साथ मिलकर परिवर्तित हुए हैं और 300 उ एवं जीआईएसपी2 के δ18O पर ग्रीष्म आतपन में होने वाले परिवर्तनों के साथ तुल्यकालिक हैं। इसका अर्थ यह है कि रासायनिक अपक्षयण बाद का प्रवर्धक नहीं था बल्कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन के साथ मिलकर काम किया। 

 

नाम पदनाम
डॉ. पार्थसारथी जी मुख्य  वैज्ञानिक
डॉ. बाबु ई. वी. एस. एस. के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक
डॉ. सुन्दर राजु पी. वी प्रधान वैज्ञानिक
डॉ. सुकुमारन एन. पी प्रधान वैज्ञानिक
डॉ. श्रीनिवास बी प्रधान वैज्ञानिक
श्रीमती सबिता डी वरिष्ठ वैज्ञानिक
डॉ. एम. एस. कल्पना वरिष्ठ वैज्ञानिक
श्री विजय कुमार टी वरिष्ठ वैज्ञानिक
श्री नेत्रमणि सागर वैज्ञानिक
श्रीमती मंजु एस वैज्ञानिक
श्री दत्त्तात्रय पाटिल जे प्रधान तकनीकी अधिकारी
श्री वेंकटेशम के तकनीकी अधिकारी
श्रीमती सुशीला जी तकनीकी अधिकारी
श्री संदीप मावी तकनीकी अधिकारी
श्री बालु जी तकनीकी अधिकारी
श्री राम मूर्ति पी. बी तकनीकी सहायक
श्री वसीम रज़ा तकनीकी सहायक
श्री पवन मिरियाला तकनीकी सहायक
श्री मुहम्मद आरिफ तकनीकी सहायक
श्री मोहनन आर वरिष्ठ तकनीशियन (1)
श्री अनवर मुहम्मद मल्टी टास्किंग स्टाफ

 

पृष्ठ अंतिम अपडेट : 26-07-2019