खनिज एवं इंजीनियरी भूभौतिकी

शैल यांत्रिकी प्रयोगशाला भारतीय शील्ड एवं हिमालय के भूपर्पटीय शैलों और संबंधित पदार्थों का उनके शैलभौतिकीय (उदा., घनत्व, पराश्रव्य वेग, चुंबकीय सुग्राहिता, विद्युतीय प्रतिरोधकता, और सरंध्रता) एवं यांत्रिक गुणधर्मों (एकअक्षीय सामर्थ्य, तनन-सामर्थ्य, अपरूपण सामर्थ्य, संसंजन और आंतरिक घर्षण कोण) के संदर्भ में अभिलक्षणन करने से संबंधित भूभौतिकीय अनुसंधान करती है। इस प्रयोगशाला के आंकड़े भूकंपविवर्तनिकी अध्ययन, खनन एवं इंजीनियरी अनुसंधान, खनिज एवं हाइड्रोकार्बन अन्वेषण, तथा भूपर्पटी एवं स्थलमंडल के भूभौतिकीय प्रतिरूपण करने के लिए उपयोगी हैं। इस समूह के कुछ सदस्य ग्रहीय भीविज्ञान एवं समाघात गर्तन प्रक्रियाओं पर भी अनुसंधान करते हैं। एनजीआरआई इंजीनियरी भूभौतिकी के क्षेत्र में सामाजिक आशयों के साथ महत्वपूर्ण अन्वेषण करता है। ऐसी परियोजनाओं में, भूकंपी जोखिम का मूल्यांकन करने, जलोढ आवरण युक्त भारतीय भूमिखंड की भूकंपनीयता का निर्धारित करने के लिए नाभिकीय शक्‍ति संयंत्रों पर भूतकनीकी अन्वेषण, कोयला संस्तर मेथेन गैस की खोज के लिए उथले भूकंपी अन्वेषण, अपशेष निपटान के लिए जगहों पर परामर्श देना, बांधों तथा बृहत निर्माणों में रिसाव की पहचान और बृहत इंजीनियरी परियोजनाओं के लिए नींवों का निर्धारण करना आदि शामिल हैं। एनजीआरआई युरेनियम अन्वेषण अध्ययनों के लिए हेलीवाहित भूभौतिकीय सर्वेक्षण संचालित करता है।