क्षेत्र

वैज्ञानिक तथा नवोन्मेषी अनुसंधान अकादमी
पृथ्वी तंत्र अनुसंधान में उत्कृष्टता केंद्र राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद

एसीएसआईआर द्वारा चलाए जाने वाले संकाय क्षेत्र

1. संकाय का नाम: भौतिक विज्ञान
2. प्रयोगशाला प्रोफाइल

भूभौतिकीय अध्ययनों का व्यवस्थित तरीके से समन्वयन एवं सूत्रण करने हेतु सन् 1946 में भारत सरकार द्वारा भूभौतिकी के लिए एक योजना समिति का गठन किया गया। परिणामस्वरूप, केंद्रीय भूभौतिकी बोर्ड (सी बी जी) बना, जिसे वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआईआर) ने ले लिया और इस कदम के बाद अंततः पृथ्वी विज्ञान में मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त अनुसंधान करने के अधिदेश के साथ सन् 1961 में भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई) की स्थापना हुई। पिछले 50 वर्षों में, एनजीआरआई बहुविषयी पृथ्वी विज्ञान अनुसंधान कार्यक्रमों, जो कि सीएसआईआर के ध्येय के अनुरूप हैं, के साथ उन्नत अध्ययनों के लिए एक विश्व प्रसिद्ध केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। मूलभूत पृथ्वी प्रक्रियाओं को समझने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ, एनजीआरआई का चार्टर समाजीय प्रासंगिकता रखने वाले अनेक महत्वपूर्ण अनुप्रयुक्त भौम-वैज्ञानिक विषयों में अनुसंधान की परिकल्पना करता है। संस्थान की अकादमिक विशेषताओं में निम्नलिखित सम्मिलित है:

  • अनेक देशों के वैज्ञानिकों के साथ परियोजना विधा अनुसंधान एवं विकास सहयोग
  • संस्थान के वैज्ञानिक भारत और विदेश में विभिन्न विश्वविद्यालयों में 'अतिथि संकाय' के रूप में कार्य कर रहे हैं
  • सन् 2005 से 56 पीएच.डी. उपाधियाँ
  • 250 कनिष्ठ अनुसंधान फेलो/वरिष्ठ अनुसंधान फेलो/अनुसंधान सहयोगी और परियोजना सहायक
  • भारतीय खनि विद्यापीठ, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों और विविध अन्य विश्वविद्यालयों से 125 ग्रीष्म कालीन प्रशिक्षु

एनजीआरआई का चार्टर

  • खनिज, भूजल और ऊर्जा संसाधन आदि हेतु भूभौतिकीय अन्वेषण के लिए विधियों एवं तकनीकों के नवोन्मेष तथा विकास के लिए निम्नांकित के जरिए अनुसंधान करना
    • भूभौतिकीय पूर्वेक्षण विधियों और विवेचन की तकनीकों में सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक अध्ययन
    • भूभौतिकीय उपकरणों का विकास एवं निर्माण
    • जहाँ कहीं भी ज़रूरत हो, वहाँ भूवैज्ञानिक तथा भूरसायनिक परीक्षणों की मदद लेते हुए आसमानी, जमीनी और समुद्री भूभौतिकीय सर्वेक्षण और संसाधनों का सर्वोत्तम अन्वेषण के लिए प्रबंध अध्ययन
  • अनुप्रयोग पर विशेष बल देते हुए, भूगतिकी, भूकंप विज्ञान, भूचुंबकत्व, गुरुत्व क्षेत्र, पुरा-चुबकत्व, भूकालानुक्रम विज्ञान, भूरासायन विज्ञान, भू-ऊष्मा विज्ञान, भू-जलविज्ञान, भू-विद्युत, शैल यांत्रिकी, शैलों के भौतिक गुण धर्म आदि में अध्ययनों के जरिए ठोस पृथ्वी के परीक्षण
  • उद्योग को तकनीकी परामर्श सेवा उपलब्ध कराना, जिसका मुनाफा फिर वापस संस्थान के अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम में लगाना
  • प्राकृतिक संसाधनों की खोज, इंजीनियरी अनुप्रयोगों और पृथ्वी के अंतर्भाग के अध्ययन के लिए देश में भूभौतिकीय विधियों के उपयोग को बढ़ावा देना।
  • अंतर्राष्ट्रीय भूभौतिकीय कार्यक्रमों में भाग लेना।
  • भौमविज्ञान के क्षेत्र में भारत व विदेशों के विभिन्न शैक्षिक और व्यावसायिक संगठनों के साथ संपर्क व समन्वयन करना
3. दृष्टिकोण: एक व्यापक संदृश्य 2030

पिछली आधी शती से, पृथ्वी के महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों के लिए, विशेष रूप से संपोषणीय जल, खनिजों, धातुओं तथा जीवाश्म ईंधनों से संबंध रखने वाले संसाधनों के लिए एक निरंतर मांग बढ़ती आ रही है। ऐसे संसाधनों का पता लगाने, दोहन करने तथा इन्हें सतत बनाए रखने के लिए कार्यनीतियाँ मुख्य रूप से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में नवोन्मेषों के इर्द-गिर्द बनाई गई हैं। यद्यपि, इन परिणामों के पर्यावरण तथा जलवायु पर विनाशकारी प्रभाव पड़े हैं। पृथ्वी प्रक्रियाओं में मूलभूत अनुसंधान की व्यापक समझ उपलब्ध कराने के अलावा, एनजीआरआई पर्यावरण-हितैषी अन्वेषण कार्यनीतियाँ विकसित करने में सक्रिय रहता आ रहा है। वर्तमान में, उच्च गुणवत्तापूर्ण विज्ञान के साथ-साथ समाजीय और सामरिक महत्व रखने वाली जरूरतों के लिए प्रासंगिक निम्नांकित उद्देश्यों के साथ एनजीआरआई अपने आपको एक अद्वितीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में रूपांतरित करने की आकांक्षा रखता है।

  • जल संसाधनों का मूल्यांकन और बजटन करने की दिशा में अनुसंधान एवं विकास, भूजनित और मानजनित संदूषण के संबंध में विशेष सावधानी बरतते हुए शुष्क और कठोर-शैल क्षेत्रों में भूजल अन्वेषण के लिए अंतर्दृष्टिपूर्ण कार्यप्रणालियों का विकास, कृषि, उद्योग और मानवीय उपयोग के लिए जल संसाधनों की वृद्धि करने वाले समाजीय मिशनों में भाग लेना।
  • हाइड्रोकार्बनों (विशेष रूप से पेट्रोलियम, निर्मल कोयला, गैस हाइड्रेट्स), परमाणु खनिजों और भूतापीय ऊर्जा हेतु अन्वेषण करने के द्वारा देश के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • स्थल विशिष्ट भूकंपी जोखिम पूर्वानुमान के लिए प्रतिरूप विकसित करना और वास्तविक काल सुनामी चेतावनी प्रणालियों हेतु क्षमताएँ विकसित करना।
  • पृथ्वी के अभ्यंतर का उच्च विभेदन बहु-सोपानी बिंबन करने के लिए क्षमताएँ विकसित करना, पृथ्वी के गतिशील क्रमिक विकास को समझने के लिए भूगर्भीय प्रक्रियाओं का यथार्थ काल और अवधि स्पष्ट करना और उसके द्वारा खनिज अन्वेषण तथा भू-पर्यावरणीय कार्यनीतियों का संचालन करना।
  • उपरोक्त को हासिल करने के लिए, एनजीआरआई समसामायिक प्रौद्योगिकी के आधार पर निपुण वैज्ञानिकों और प्रयोगशाला सुविधाओं के इर्द-गिर्द एक उन्नत केंद्र स्थापित करने के लिए उत्सुक है।
4. प्रमुख अनुसंधान क्षेत्र
अनुसंधान एवं विकास के महत्व वाले क्षेत्र
  • स्थलमंडल और पृथ्वी का अभ्यंतर (संरचना, संघटन, गतिकी और क्रमिक विकास)
  • भूजल जलविज्ञान (अन्वेषण, मूल्यांकन तथा प्रबंधन)
  • ऊर्जा संसाधनों और खनिजों के लिए अन्वेषण (गैस हाइड्रेट्स और कोयला संस्तर मेथेन सहित हाइड्रोकार्बन, भूतापीय ऊर्जा, युरेनियम, हीन एवं उत्कृष्ट धातु और हीरे)
  • भूकंप: अनुवीक्षण एवं जोखिम मूल्यांकन
  • अगभीर अधस्तल भूभौतिकी (भू-तकनीकी तथा इंजीनियरी अनुप्रयोग)
  • भू-पर्यावरण (पर्यावरणीय प्रदूषण और पुरा-जलवायु)
  • यंत्रीकरण (भूभौतिकीय यंत्रीकरण)
5. परिसर में उपलब्ध सुख-सुविधाएँ
  • छात्रावास:
    पुरुष एवं महिला छात्रों के लिए 80 बिस्तर वाले दो छात्रावास परिसर में ही स्थित हैं।
  • मनोरंजन:
    एनजीआरआई का स्टाफ क्लब अपने सदस्यों के लिए सांस्कृतिक, क्लब दौरे, खेलकूद, स्वास्थ्य संबंधी व्याख्यान/शिविर जैसे विविध गतिविधियों का आयोजन करता है। यह सीएसआईआर स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड के साथ समन्वयन कर पुरुषों एवं महिलाओं के लिए अंतःशाल और बाहरी खेलों हेतु विवध खेलकूद गतिविधियाँ भी आयोजित करता है।
  • फुड कोर्ट:
    नाममात्र भाव पर नाश्ता, मध्याह्न भोजन, चाय/कॉफी और अन्य अल्पाहार आदि के लिए एक फुड कोर्ट सुविधा है।
  • भाषण भवन/संगोष्ठी हॉल/सम्मेलन कक्ष:
    संस्थान में डाटा प्रस्तुतीकरण सुविधाओं, कंप्यूटरों से सुसज्जित अत्याधुनिक ‘एस. बालकृष्णा’ हॉल (350 बैठक क्षमता), सम्मेलन कक्ष, भाषण भवन (2), संगोष्ठी हॉल (2) हैं।
  • सामुदायिक केंद्र (2):
    सामाजिक मेलजोल और अन्य समारोह, त्यौहार आदि आयोजित करने के लिए स्टाफ सदस्यों के लिए सामुदायिक केंद्र हैं।
  • खेल कूद संकुल:
    अंतःशाल (शटल) के साथ-साथ बाहरी (बास्केटबॉल, टेनिस और वॉलीबॉल) मैदान है।
  • स्वास्थ्य केंद्र:
    परिसर में 2 स्थानिक चिकित्सकों और 4 अभ्यागत विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ सुसज्जित औषधालय है, छात्रावास में ही व्यायामशाला, योगा केंद्र है।
  • स्टाफ क्लब हाल:
    स्टाफ क्लब सदस्यों के लिए टीवी, कैरम बोर्ड, टीटी, ब्रिज, शतरंज, समाचार पत्र और पत्रिकाओं की सुविधा है।
  • अतिथि गृह:
    एनजीआरआई अतिथि गृह में 22 डबल कमरे और 8 वी आई पी
  • कमरे हैं। 1 साधारण भोजन कक्ष और 1 विशेष भोजन कक्ष है।
  • डाकघर:
    परिसर में ही एक डाकघर है।
  • बैंक:
    संस्थान में स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद का एक विस्तार काउंटर है।
  • कर्मचारी आवास:
    एनजीआरआई परिसर में विविध प्रकार के कर्मचारी आवास (टाइप-I, II, III, IV, V और VI) उपलब्ध हैं।
  • एनजीआरआई स्कूल:
    एनजीआरआई के परिसर में ही 10वीं कक्षा तक (माध्यमिक स्कूल शिक्षा बोर्ड, आँध्र प्रदेश से संबद्ध) का उच्च विद्यालय स्थित है।