अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शक्तियाँ और कर्तव्य

निदेशक के उत्तरदायित्व

  • इस राष्ट्रीय प्रयोगशाला, सीएसआईआर-राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान के विज़न तथा मिशन को साकार करना।
  • इस राष्ट्रीय प्रयोगशाला में नवोन्मेष और उच्च स्तरीय अनुसंधान एवं विकास तथा प्रयोगशाला की अन्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी गतिविधियों का पालन-पोषण करने हेतु अनुकूल वातावरण बनाना।
  • प्रबंध परिषद् के निर्णयों के अनुसार इस राष्ट्रीय प्रयोगशाला के कार्यों का प्रबंध करना।
  • उन्हें सभी मामलों में शासी निकाय द्वारा उनको प्रत्यायोजित शक्तियाँ होंगी।
  • उन्हें सीएसआईआर द्वारा समय-समय पर बनाए तथा संशोधित किए गए उपनियमों के अनुसार सभी शक्तियाँ होंगी।

प्रभागाध्यक्षों के उत्तरदायित्व

  • संबंधित प्रभाग/केंद्र के अनुसंधान एवं विकास/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परियोजना कार्यक्रमों को संचालित करने के लिए समन्वयक के रूप में कार्य करना, कार्य आबंटन का नियंत्रण तथा प्रभाग/केंद्र की गतिविधियों का पर्यवेक्षण।
  • प्रयोगशाला में उच्च स्तरीय अनुसंधान एवं विकास और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी गतिविधियों के निष्पादन हेतु सम्यक् तत्‍परता एवं प्रयास उपलब्ध कराना।
  • संस्थान के निदेशक के पर्यवेक्षण में अनुसंधान परिषद् तथा प्रबंध परिषद् के निर्णय के अनुसार अनुसंधान एवं विकास/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी गतिविधियाँ संचालित करना।

अनुसंधान एवं विकास संगठन के कर्मचारियों के तीन मुख्य वर्ग हैं, जिनके लिए दिशानिर्देश नीचे दिए गए हैं:

वैज्ञानिक स्टाफ (समूह IV) अनुसंधान और/या नई विधियों या ज्ञान और/या नई तकनीकों के विकास द्वारा योगदान देना।
तकनीकी स्टाफ (समूह III) मौजूदा तकनीकी/वैज्ञानिक ज्ञान का उपयोग कर या संशोधित तकनीकों को उत्पन्न करने और/या विशिष्ट तकनीकी समस्या के समाधान के लिए उन्हें अनुप्रयोग करने के द्वारा योगदान देा।
प्रशासनिक स्टाफ संगठन के कार्य हेतु सभी प्रशासनिक सहायता प्रदान करना।

इसके साथ ही, प्रयोगशाला में सहायक स्टाफ (समूह II एवं समूह I) भी है, जिनसे आधारिक संरचना और सेवाओं के संचालन/रख रखाव द्वारा वैज्ञानिक/तकनीकी/प्रशासनिक स्टाफ को सामान्य/कुशल सहायता प्रदान करने की अपेक्षा की जाती है।

प्रशासन नियंत्रक के कर्तव्य

  1. संस्थान के सुचारू संचालन के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित नीतियों को बनाना और लागू करना।
  2. संगठन के भीतर प्रकार्यात्मक निकायों (समितियों, समूहों) को सलाह देना।
  3. प्रशासन से संबंधित मामलों पर सीएसआईआर के साथ संपर्क रखना।
  4. नियमों और कानूनों की सही व्याख्या करने के द्वारा संस्थान में स्वस्थ कार्य परिस्थितियाँ और वातावरण बनाना।
  5. प्रशासनिक प्रकृति से संबंधित मामलों पर निर्णय लेने हेतु निदेशक, एनजीआरआई को सलाह देना।
  6. नेमी के अलावा जो मामले हैं, उन पर कार्यान्वयन करने हेतु निदेशक से अनुदेश लेना।

प्रशासन अधिकारी के कर्तव्य

  1. कार्मिक; संस्थान की संपत्ति की सुरक्षा, अनुरक्षण और रख-रखाव; लॉजिस्टिक सहायता; प्रशासनिक दृष्टि से व्यय पर नियंत्रण, आदि मामलों से संबंध रखने वाले प्रशासनिक अनुभागों में क्रिया कलापों का सर्व कार्यभार प्रभारी।
  2. प्रशासनिक खंड में कार्यरत स्टाफ के लिए रिपोर्ट/पुनरीक्षण अधिकारी।
  3. प्रशासन अधिकारी को प्रत्यायोजित शक्ति को निष्पादित करना।
  4. प्रशासन नियंत्रक की अनुपस्थिति में उनके कर्तव्यों को निभाना।
  5. समय-समय पर सौंपे गए गैर-नेमी प्रकृति के कार्यों की जिम्मेदारी लेना।

वित्त एवं लेखा नियंत्रक के कर्तव्य

  1. सभी वित्तीय मामलों पर निदेशक को सहायता एवं सलाह देना और सभी वैज्ञानिक स्टाफ तथा बेंच-स्तर-वैज्ञानिकों को सहायक सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी होना।
  2. सांविधिक और प्रबंध परिषद, स्थायी क्रय समितियों, स्थायी निपटान समिति, विभागीय पदोन्नति समिति, मानदेय वितरण समिति, संपदा एवं कार्य समिति, आदि अन्य समितियों में पदेन सदस्य होने के नाते प्रबंध निर्णयों में सक्रिय प्रतिभागिता करना।
  3. डीएसआईआर तथा सीएसआईआर लेखा परीक्षा दलों के विषय में संपर्क और समन्वय कार्य करना।
  4. सेवा मामलों सहित सभी प्रस्तावों की वित्तीय सहमति।
  5. वित्त/लेखा/लेखा परीक्षा संबंधी मामलों पर सीएसआईआर मुख्यालय के साथ संपर्क रखना।
  6. संशोधित अनुमान एवं बजट अनुमान तैयार करना, बजट आबंटन की तुलना में व्यय की समीक्षा करना।
  7. वार्षिक लेखा, आय एवं व्यय विवरण और तुलनपत्र तैयार करना।
  8. पेंशन मामलों की छानबीन करना और पें.अ.आ., सेवानिवृत्ति/मृत्यु उपदान, संराशीकरण आदेश आदि जारी करना।
  9. वित्त एवं लेखा प्रकार्यों के आधुनिकीकरण तथा कंप्यूटरीकरण से संबंधित गतिविधियों का कार्यान्वयन करना।
  10. सीएसआईआर/निदेशक द्वारा समनुदेशित कोई अन्य कार्य।

भंडार एवं क्रय नियंत्रक के कर्तव्य

  1. सामग्री क्रय, सामग्री सूचियों का रख रखाव, अनुपयोगी वस्तुओं को बट्टे खाते डालना, अप्रचलित भंडार की निलामी आदि मामलों से संबंध रखने वाले भंडार एवं क्रय अनुभागों में क्रिया कलापों का सर्व कार्यभार प्रभारी।
  2. भंडार एवं क्रय अनुभाग में कार्यरत स्टाफ के लिए रिपोर्ट/पुनरीक्षण अधिकारी।
  3. संस्थान के सुचारू संचालन के लिए क्रय एवं भंडार प्रक्रियाओं से संबंधित नीतियों को निष्पादित करना।
  4. संगठन के भीतर प्रकार्यात्मक निकायों (समितियों, समूहों) को सलाह देना।
  5. भंडार एवं क्रय से संबंधित मामलों पर सीएसआईआर के साथ संपर्क रखना।
  6. नियमों और कानूनों की सही व्याख्या करने के द्वारा संस्थान में स्वस्थ कार्य परिस्थितियाँ और वातावरण बनाना।
  7. भंडार एवं क्रय से संबंधित मामलों पर निर्णय लेने हेतु निदेशक, सीएसआईआर-एनजीआरआई को सलाह देना।
  8. नेमी के अलावा जो मामले हैं, उन पर कार्यान्वयन करने हेतु निदेशक से अनुदेश लेना।